Monday, July 5, 2010

इन्हें सलाम करो ये अधिक महान हैं ..........

हमारे देश का एक अलग ही कल्चर दिखाई देता है। खेलों में क्रिकेट का वाइरस ऐसा पैर जमा चुका है कि अन्य खेलों की उपलब्धियाँ नजर ही नहीं आती । लोगों से ज्यादा मीडिया इसके लिये अधिक दोषी है । भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की शादी की खबर को इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट मीडिया ने इतना अधिक महत्व दिया कि उसके आगे बिम्बलडन में लिएंडर पेस के मिक्स डबल के ख़िताब की महत्वपूर्ण उपलब्धि , जिससे देश का गौरव बढ़ा है, की खबर गौण हो गयी ।
धोनी की शादी व्यक्तिगत मसला है पेस की उपलब्धि बेजोड़ है। कुछ दिन पहले साइना महिवाल ने बैडमिन्टन में ख़िताब प्राप्त कर देश का सिर गर्व से ऊंचा किया था , पर मीडिया ने उस पर भी अधिक ध्यान नहीं दिया था जबकि क्रिकेट के खिलाडियों के जीवन की व्यक्तिगत बातें ( उनका नाचना,मारना ,प्रेम कहानियां ,बर्थडे पार्टियाँ आदि ) मीडिया में सुर्खियाँ बन जाती है। पता नहीं कब मीडिया बिकाऊ ख़बरों के जाल से मुक्त होकर राष्ट्र समाज के हित का दृष्टिकोण अपनाने की ओर अग्रसर होगा और अपने नायकों को उचित सम्मान देना सीखेगा .
क्रिकेट का व्यवसायीकरण हो चुका है .वहाँ खिलाडी पैसे के पीछे अधिक दीवाने है और देश का सम्मान उनके लिये पीछे है .ऎसी स्थितियां क्रिकेट में प्रायः देखने को मिलती है , पर टेनिस और बैडमिन्टन में पेस और साइना ने जो कीर्तिमान बनाये हैं वे अतुलनीय हैं । ऎसी प्रतिभाओं को सम्मान देना सरकार ,समाज ,मीडिया व जागरूक जनता का कर्तव्य है .ये खिलाडी क्रिकेट के नायकों से कही अधिक सम्मान के पात्र हैं । इनके जज्बे सलाम करना चाहिये।

4 comments:

  1. क्रिकेट के अलावा अन्य दूसरे खेलों के खिलाडी खुद को साबित कर रहे हैं पर मीडिया के द्वारा इनको किसी तरह की तवज्जो नहीं दी जा रही है. इसके अलावा हम लोग भी कहीं न कहीं क्रिकेट को बढ़ावा देने का काम करते हैं.
    आपको बहुत दिनों बाद ब्लॉग पर वापसी करते देख अच्छा लगा. बधाई.
    जय हिन्द जय बुन्देलखण्ड

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  2. प्रतिभा को तो सम्‍मान मिलना ही चाहिए .. हर क्षेत्र में और हर स्‍तर पर !!

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  3. सच है आदित्य जी. क्रिकेट को छोड़ और किसी खेल को जैसे खेल के रूप में मान्यता ही नहीं दी जाती... क्रिकेट के प्रति दीवानगी दिखा के तो हम आज भी ब्रितानियों की गुलामी स्वीकार रहे हैं. टीम इंडिया में खेलने के बाद एक खिलाड़ी रातोंरात सितारा बन जाता है साथ ही करोड़ों का मालिक भी और हॉकी या अन्य किसी भी खेल में? क्या कहूं, इतना आक्रोश भरा है न इस पक्षपात को लेकर कि... जाने दीजिये.

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  4. Is Bazarikaran ke yug me mahatavpoorna vastu par sabhi ka dhyan rahata hai,aur meedia ko to masala chahiye so use vaha chahe dhoni.ho Abhikshek Bachchan,Usko to cass karayenge hi.Bas kami hai ham janta ki ikchha shaki me ki sabhi khelo ko saman ki dristi se dhenkhen ?

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